हर्याणा मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना 2026: 60+ बुजुर्गों के लिए फ्री तीर्थ यात्रा, अयोध्या-काशी-सोमनाथ — आवेदन प्रक्रिया

हर्याणा मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना 2026 के तहत अयोध्या जाने वाले वरिष्ठ तीर्थयात्री

28 मार्च 2026 की सुबह अंबाला रेलवे स्टेशन पर एक ऐसा नजारा था, जो देखने वालों की आंखें नम कर गया। सत्तर-अस्सी साल के बुजुर्ग — किसी के हाथ में लाठी, किसी के कंधे पर छोटा-सा थैला — एक विशेष ट्रेन में सवार हो रहे थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरी झंडी दिखाई और ट्रेन अयोध्या के लिए रवाना हो गई। सात जिलों के करीब 700 बुजुर्गों के लिए ये जिंदगी भर के सपने का पूरा होना था।

ये ट्रेन मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना की पहली विशेष तीर्थ ट्रेन थी। 2026 में ये योजना एक नए अंदाज में चल रही है — अब सिर्फ बसें नहीं, रेलवे से समझौता करके विशेष तीर्थ ट्रेनें चलाई जा रही हैं। अगर आपके घर में 60 साल से ऊपर कोई बुजुर्ग हैं, या आप खुद उस उम्र में हैं, तो ये लेख आपके लिए है। इसमें जानिए: कौन आवेदन कर सकता है, फॉर्म कैसे भरेगा, चयन कैसे होता है, और फॉर्म अटकाने वाली 5 गलतियां।

2026 में योजना क्या दे रही है — असली पैकेज

सबसे पहले ये समझ लीजिए कि "फ्री यात्रा" का मतलब क्या है। इस योजना में सरकार पूरी यात्रा का इंतजाम करती है — आना-जाना, खाना, ठहराव, चिकित्सा सहायता और सुरक्षा।

परंपरागत रूप से इस योजना का पैकेज कुछ इस तरह बनता है:

सुविधा क्या मिलता है
आना-जानाविशेष ट्रेन (स्लीपर श्रेणी) या सरकारी बस — 2026 से रेलवे से समझौते के बाद स्पेशल ट्रेनें
ठहरावरात में साझा व्यवस्था (multi-sharing) में ठहरने का इंतजाम
खाना-पीनासफर के दौरान भोजन की व्यवस्था सरकार की तरफ से
चिकित्सा व सुरक्षाट्रेन/यात्रा में चिकित्सा सहायता और सुरक्षा का पूरा प्रबंध
यात्रा बीमाहर यात्री के लिए यात्रा बीमा अनिवार्य — बिना बीमा यात्रा नहीं
खर्चपात्र बुजुर्गों के लिए पूरी यात्रा निःशुल्क — जेब से किराया नहीं

ℹ️ ध्यान दें: ऊपर दिया गया पैकेज योजना के तय ढांचे के अनुसार है। हर यात्रा में गंतव्य और साधन (ट्रेन या बस) के हिसाब से छोटा-मोटा फर्क हो सकता है। आवेदन के समय आधिकारिक अधिसूचना ज़रूर देख लें।

2026 में कहां-कहां की यात्रा हो रही है

ये योजना "जहां मन करे वहां जाओ" वाली नहीं है। सरकार तय गंतव्यों पर समूह में यात्रा करवाती है। 2026 में अब तक इन जगहों की यात्राएं चर्चा में रही हैं:

गंतव्य 2026 की स्थिति
अयोध्या (राम मंदिर, हनुमान गढ़ी, सरयू)28 मार्च 2026 को अंबाला से विशेष ट्रेन — 7 जिलों के ~700 बुजुर्ग; इससे पहले कैथल, करनाल, अंबाला, जींद से बसें
वाराणसी (काशी विश्वनाथ)योजना के तय गंतव्यों में शामिल — समूह यात्राएं समय-समय पर
सोमनाथ (गुजरात)2026 में करनाल से विशेष AC ट्रेन से बाबा सोमनाथ के दर्शन की यात्रा
तख्त सचखंड श्री हुजूर साहिब (महाराष्ट्र)अप्रैल 2026 के आखिरी हफ्ते में विशेष ट्रेन की घोषणा

इसके अलावा राज्य में स्वर्ण जयंती सिंधु दर्शन, कैलाश मानसरोवर और गुरु दर्शन यात्रा जैसी योजनाएं भी चल रही हैं — नाम मिलते-जुलते हैं, पर आवेदन और नियम अलग-अलग हैं।

मिथक बनाम सच्चाई — पहले भ्रम तोड़ लो

तीर्थ यात्रा योजना को लेकर गांव-शहर में कई बातें फैली हैं। आधी सही, आधी गलत। फॉर्म भरने से पहले ये तालिका पढ़ लीजिए:

❌ मिथक (गलतफहमी) ✅ सच्चाई
हर बुजुर्ग को फ्री यात्रा मिलेगीनहीं। 60+ उम्र, हर्याणा का स्थायी निवास और ₹1.80 लाख से कम पारिवारिक आय — तीनों शर्तें जरूरी हैं
फॉर्म भरते ही यात्रा पक्कीसीटें सीमित होती हैं — जिले में उपायुक्त (DC) की अध्यक्षता वाली समिति चयन करती है
मनचाही जगह की यात्रा चुन सकते हैंसिर्फ सरकार द्वारा तय गंतव्यों पर समूह यात्रा होती है, अपनी मर्जी का धाम नहीं
हर साल जा सकते हैंएक व्यक्ति 3 साल में सिर्फ एक बार इस योजना का लाभ ले सकता है
आवेदन के लिए पैसे देने पड़ते हैंआवेदन पूरी तरह मुफ्त है — सरल पोर्टल या CSC पर कोई फीस नहीं
बिना फैमिली ID के भी हो जाएगानहीं। फैमिली ID अनिवार्य है — OTP उसी से जुड़े मोबाइल पर आता है

कौन आवेदन करे, कौन न करे — साफ चेकलिस्ट

✅ आवेदन करें, अगर आप:

  • उम्र 60 साल या ज्यादा है
  • हर्याणा के स्थायी निवासी हैं
  • परिवार की सालाना आय ₹1.80 लाख से कम है
  • आपकी फैमिली ID बनी हुई है
  • चिकित्सकीय रूप से यात्रा के योग्य (फिट) हैं
  • पिछले 3 साल में इस योजना का लाभ नहीं लिया

❌ आवेदन न करें, अगर आप:

  • उम्र 60 साल से कम है
  • हर्याणा के स्थायी निवासी नहीं हैं
  • पारिवारिक आय ₹1.80 लाख से ज्यादा है
  • गंभीर बीमारी के कारण लंबी यात्रा नहीं कर सकते
  • पिछले 3 साल में ये यात्रा कर चुके हैं
  • फैमिली ID में नाम/विवरण गलत है (पहले सुधरवाएं)

आपके सवाल — सीधे जवाब

प्रश्न: पति-पत्नी दोनों जाना चाहें तो?

दोनों अलग-अलग आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते दोनों 60+ हों और आय की शर्त पूरी हो। लेकिन सीटें सीमित होने से दोनों का चयन एक ही यात्रा में हो — इसकी गारंटी नहीं होती। आवेदन में स्थिति साफ लिखें।

प्रश्न: तबीयत ठीक नहीं रहती, क्या फिर भी जा सकते हैं?

योजना में चिकित्सा फिटनेस प्रमाणपत्र मांगा जाता है। दिल की बीमारी, गंभीर अस्थमा या चलने-फिरने में भारी दिक्कत हो तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही आवेदन करें — लंबी ट्रेन यात्रा हर किसी के लिए ठीक नहीं होती।

प्रश्न: BPL कार्ड जरूरी है क्या?

पुराने नियमों में BPL को पूरी छूट थी। 2026 के संशोधित ढांचे में ₹1.80 लाख से कम पारिवारिक आय मुख्य शर्त है — BPL कार्ड हो तो आय प्रमाण में मदद मिलती है, लेकिन अकेली शर्त नहीं है। ताजा अधिसूचना में अपने जिले का नियम जांच लें।

प्रश्न: यात्रा में साथ में कोई सहायक ले जा सकते हैं?

बहुत बुजुर्ग या बीमार यात्री के लिए सहायक की व्यवस्था पर जिला समिति निर्णय करती है। आवेदन करते समय अपनी स्थिति और सहायक की जरूरत साफ-साफ लिखें।

प्रश्न: चयन कैसे होता है — लॉटरी या पहले आओ पहले पाओ?

दोनों ही चर्चाओं में हैं। पारंपरिक रूप से जिला समिति (DC की अध्यक्षता) ड्रॉ/चयन करती थी, वहीं नई ऑनलाइन व्यवस्था में कुछ यात्राओं में पहले आओ-पहले पाओ भी देखा गया है। आवेदन के समय पोर्टल पर उस यात्रा का चयन-नियम जरूर पढ़ें।

सरल पोर्टल से आवेदन — स्टेप बाय स्टेप

आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है — saralharyana.gov.in पर। घर का कोई युवा ये प्रक्रिया बुजुर्गों के लिए आसानी से कर सकता है। फैमिली ID वाला चरण सबसे अहम है, इसलिए उसे ध्यान से पढ़ें:

1

saralharyana.gov.in खोलें — पहले से रजिस्टर्ड न हों तो मोबाइल नंबर और ईमेल से "Register Here" पर रजिस्टर करें।

2

लॉगिन करके "Apply for Services" पर जाएं, फिर "View all available services" चुनें।

3

सर्च बॉक्स में "Mukhyamantri Tirth Yatra Yojana" लिखें और योजना के नाम पर क्लिक करें।

4

फैमिली ID डालें और OTP वेरिफाई करें — OTP फैमिली ID से जुड़े मोबाइल पर आएगा। नंबर पुराना हो तो पहले फैमिली ID में अपडेट करवाएं।

5

परिवार के सदस्य चुनें — फैमिली ID के डेटा से विवरण अपने आप आएगा। जिसके लिए आवेदन करना है, उसे चुनें।

6

गंतव्य, महीना और रेलवे स्टेशन चुनें — ड्रॉपडाउन से अपनी पसंद भरें।

7

दस्तावेज़ अपलोड करके सबमिट करें — आवेदन नंबर संभालकर रखें, इसी से स्टेटस ट्रैक होगा।

💡 ऑनलाइन न हो तो: नजदीकी CSC (जन सेवा केंद्र) या सरल केंद्र पर जाकर भी आवेदन करवा सकते हैं। वहां ऑपरेटर यही पूरी प्रक्रिया आपके लिए कर देगा। आवेदन निःशुल्क है — कोई फीस मांगे तो न दें।

जरूरी दस्तावेज़ — एक भी छूटा तो चक्कर लगेंगे

फॉर्म भरने से पहले ये कागजात तैयार रखिए। हर दस्तावेज़ के साथ लिखा है कि वो क्यों मांगा जाता है:

दस्तावेज़ क्यों जरूरी है — ध्यान दें
फैमिली ID (परिवार पहचान पत्र)सबसे अहम — आवेदन इसी से शुरू होता है; OTP भी इसी से जुड़े मोबाइल पर आता है
आधार कार्डउम्र और पहचान का प्रमाण — 60+ की उम्र इसी से साबित होगी
निवास प्रमाण पत्रहर्याणा का स्थायी निवासी होने का सबूत
आय प्रमाण पत्र / BPL कार्ड₹1.80 लाख से कम आय साबित करने के लिए
चिकित्सा फिटनेस प्रमाणपत्रडॉक्टर का प्रमाण कि आप लंबी यात्रा के योग्य हैं — ये अक्सर लोग भूल जाते हैं
पासपोर्ट साइज फोटोहाल की फोटो — आवेदन और यात्रा पास के लिए

5 गलतियां जो आपका फॉर्म अटका देंगी

पैसे का लेन-देन न होने से लोग लापरवाही कर जाते हैं — ये 5 गलतियां सबसे ज्यादा होती हैं:

1. फैमिली ID में पुराना मोबाइल नंबर — OTP उसी नंबर पर आएगा जो फैमिली ID में दर्ज है। नंबर बदल गया है तो पहले फैमिली ID अपडेट करवाएं, फिर तीर्थ यात्रा का फॉर्म भरें।

2. मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट भूल जाना — ये दस्तावेज़ों की सूची में सबसे ज्यादा छूटता है। सरकारी अस्पताल से पहले ही बनवा लें।

3. गलत गंतव्य या महीना चुनना — फॉर्म में गंतव्य, पसंदीदा महीना और स्टेशन ध्यान से चुनें। बाद में बदलाव की गुंजाइश कम होती है।

4. 3-साल का नियम नजरअंदाज करना — अगर 2024 या 2025 में इस योजना से यात्रा कर चुके हैं, तो 2026 का आवेदन खारिज हो सकता है।

5. दलाल को पैसे देना — "सीट पक्की करवा दूंगा" कहकर कोई पैसे मांगे तो समझ लीजिए ठग है। चयन जिला समिति करती है, कोई दलाल नहीं।

ठगों से बचने के 3 नियम — गांठ बांध लो

🔒 नियम 1: आवेदन मुफ्त है — एक रुपया मत देना
सरल पोर्टल पर फॉर्म भरना और CSC पर आवेदन करवाना — दोनों निःशुल्क हैं। "फीस" या "सेटिंग के पैसे" मांगे तो साफ मना करें।

🔒 नियम 2: सिर्फ saralharyana.gov.in पर भरोसा
मिलते-जुलते नाम वाली फर्जी वेबसाइटों पर अपनी फैमिली ID और निजी जानकारी कभी न डालें। असली पोर्टल सिर्फ एक है।

🔒 नियम 3: "गारंटी से सीट" का झांसा
कोई भी सीट की गारंटी नहीं दे सकता — चयन जिला समिति के नियमों पर निर्भर है। ऐसा दावा करने वाला ठग हो सकता है।

महत्वपूर्ण लिंक

लिंक विवरण
आधिकारिक पोर्टलsaralharyana.gov.in — ऑनलाइन आवेदन, स्टेटस ट्रैकिंग
WhatsApp ChannelJoin Now — रोज़ नई योजना की जानकारी सीधे फोन पर
हेल्पलाइन0172-3968400 — सरल पोर्टल सहायता (ईमेल: saral.haryana@gov.in)

अंतिम बात — मां-बाप का सपना, अब बारी आपकी

हर घर में कोई न कोई बुजुर्ग ऐसा जरूर होता है, जो जिंदगी भर कहता रहा — "एक बार अयोध्या के दर्शन हो जाएं", "काशी विश्वनाथ के दर्शन की तमन्ना है"। पैसे की तंगी में ये तमन्ना दबी रह जाती है। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना उसी दबी तमन्ना को पूरा करने का रास्ता है — सरकारी खर्चे पर, सुरक्षित इंतजाम के साथ।

बस इतना याद रखिए: पात्रता की तीन शर्तें (60+ उम्र, हर्याणा निवास, ₹1.80 लाख से कम आय), फैमिली ID तैयार, मेडिकल फिटनेस का कागज — और आवेदन सिर्फ saralharyana.gov.in पर। सीटें सीमित हैं, इसलिए जैसे ही अपने जिले में यात्रा की घोषणा हो, देर न करें।

ये जानकारी गांव के बुजुर्गों तक जरूर पहुंचाएं — सही जानकारी न मिलने से ही लोग अच्छी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं।

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